छोटे बच्चों की देखभाल से जुड़ी ये कुछ ख़ास बातें जरूर जान लेनी चाहिए एक माँ को

एक नवजात शिशु की देखभाल करना कोई आसान काम नहीं है, एक माँ को दिन रात एक बच्चे की देखभाल में लगे रहना पड़ता है. लेकिन इसके वाबजूद भी अक्सर छोटे बच्चों को कोई ना कोई समस्या होती ही रहती है. आज हम आपको छोटे बच्चों की देखभाल से जुड़े कुछ ऐसे नियमों के बारे में बताने जा रहें हैं जिसका पालन यदि एक माँ करे तो छोटे बच्चों की देखभाल में उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी. तो आईये आपको बताते हैं की छोटे बच्चों की देखभाल से जुडी कुछ ख़ास बातें जिन्हें एक माँ को जरूर ध्यान में रखना चहिये.

सबसे पहले आपको बता दें की आजकल ज्यादातर कामकाजी माँ अपने बच्चे को जन्म देने के कुछ बाद उन्हें स्तनपान नहीं करवाती हैं बल्कि इसके बदले उन्हें मार्केट में उपलब्ध डब्बा बंद दूध पिलाती हैं. आपको बता दें की एक नवजात शिशु के लिए सबसे ज्यादा जरूरी आहार होता है माँ का दूध, इसी से बच्चे को सही पोषण मिल पाता है और बच्चा मस्त मौला और तंदुरुस्त बना रहता है. इसके आलवा आपको बता दें की एक नवजात बच्चे को उसकी माँ को तब तक दूध पिलाना चाहिए जबतक वो पूरी तरह से संतुष्ट ना हो जाए. बता दें की एक बच्चे के शारीर के विकास के लिए उसकी माँ का दूध सबसे बड़ा पोषक तत्व होता है जो की बच्चे के शारीर के सम्पूर्ण विकास में मददगार साबित होता है. शिशु विशेषज्ञों की माने तो एक बच्चे को छह माह की उम्र तक माँ के दूध की आवश्यकता होती है इसलिए कम से कम छह महीनों तक तो बच्चे को माँ का दूध जरूर पिलाना चाहिए. इसके आलवा आपको बता दें की आमतौर पर बच्चे के रोने पर उनकी माँ कुछ ज्यादा ही परेशान होने लगती हैं जबकि उन्हें परेशान होने की जरुरत नहीं है क्यूंकि अक्सर छोटे बच्चे रोते हैं और रोना बच्चों के लिए अच्छा भी माना गया है. हाँ लेकिन जब बच्चे ज्यदा रोने लगे तो उन्हें डॉक्टर को जरूर दिखाएं क्यूंकि संभव है की बच्चों के पेट में या फिर किसी अन्य भाग में दर्द की वजह से वो रोना शुरू कर देते हैं.

आपको बता दें की छोटे बच्चों के शारीरिक विकास के लिए उनका रोजाना माशील किया जाना बेहद जरूरी माना जाता है. जी हाँ, ऐसा माना जाता है की नियमित रूप से छोटे बच्चों के मालिश करने से उनकी हड्डियां काफी मजबूत होती है और बच्चे का शारीर भी निरोग और मजबूत बनता है. गौतलब है की बच्चों की अच्छी तरह मालिश अगर रोजाना की जाए तो इससे बच्चे के शारीर का दर्द भी ख़त्म होता है और उन्हें नींद भी जल्दी आ जाती है. बता दें की नवजात बच्चे को जन्म के बाद सभी तरह के जरूरी टिके जरूर लगवाने चाहिए, इससे बच्चे के शारीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है और बड़े होने के बाद भी बच्चों का शारीर कमजोर नहीं होता है. इन सभी चीजों का ख़ास ख्याल रखने के अलावा एक माँ को अपने नवजात को गोद में उठाने के दौरान भी ख़ास ध्यान देना चाहिए. बता दें की बच्चों को हमेशा सर के नीचे हाथ देकर ही उठाना चाहिए क्यूंकि  नवजात शिशु की गर्दन काफी लचीला होती है और इसलिए उन्हें सहारे की जरुरत पड़ती है.

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